😊एक लम्हे का सफ़र है दुनियाऔर फिर वक़्त ठहर जाता हैचंद ख़ुशियों को बहम* करने मेंआदमी कितना बिखर जाता है |
😊एक लम्हे का सफ़र है दुनिया
और फिर वक़्त ठहर जाता है
चंद ख़ुशियों को बहम* करने में
आदमी कितना बिखर जाता है |
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